May 20, 2009

कुरसी बचाने में जुटे मंत्री हार पर दे रहे दलीलें

संगठन ने दी थी चेतावनी प्रदेश सरकार के मंत्री अब कुरसी बचाने की जुगत में हैं। उन्हें अब संगठन की चेतावनी सता रही है। अपनी गर्दन बचाने के लिए वे मु2यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी से मुलाकात कर सफाई देने में जुट गए हैं।लोकसभा चुनाव में पांचों सीटें हार जाने के बाद भाजपा में अजीब सी खामोशी और बेचैनी साफ झालकती है। वरिष्ठ नेता आधिकारिक तौर पर इस मुद्दे पर जुबान नहीं खोलना चाह रहे हैं। ज्यादातर विधानसभा सीटें जिस तरह भाजपा ने गंवाई हैं, उससे संबंधित क्षेत्र के मंत्री पर गाज गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। चुनाव से पहले ही पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में तय कर दिया गया था कि जिस मंत्री के क्षेत्र में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहेगा, उस पर कार्रवाई की जा सकती है। बिशन सिंह चुफाल और राजेंद्र सिंह भंडारी ऐसे मंत्री रहे हैं, जिनके क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहा। बाकी सभी मंत्रियों के क्षेत्रों में पार्टी की दशा दयनीय रही। हालांकि, भंडारी भी मु2यमंत्री से मतगणना वाले दिन ही मिल आए थे। उन्होंने हिसाब भी दे दिया था कि उनके विकासखंड पोखरी में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा। डा. रमेश पोखरियाल निशंक और प्रकाश पंत भी उन मंत्रियों में शामिल हैं, जो मु2यमंत्री को मिल चुके हैं। अन्य मंत्री भी खंडूरी से मुलाकात करने की कोशिश में है। खंडूरी के दिल्ली से लौटने के बाद बाकी मंत्री भी उनसे मुलाकात कर सकते हैं। वे उन्हें यकीन दिलाने की कोशिश में हैं कि उन्होंने भरपूर मेहनत से कार्य किया था लेकिन माहौल ही कांग्रेस के हक में होने और मुसलिम वोटों के कांग्रेस के हक में ध्रुवीकरण से भाजपा को नुकसान पहुंचा। दूसरी तरफ, मंत्रियों के खराब प्रदर्शन के बाद अब विधायकों में लाल ब8ाी मिलने की उ6मीदें हिलोर मारने लगी हैं।

1 comment:

Unknown said...

Ab Uttrakhand main phir se congress ka raj ana wal ahai ye chunav to isi aur sanket de rahe hai.