राज्य प्रशासनिक सेवा के माध्यम से चुने जाने वाले अधिकारी किसी भी राज्य के विकास की रीढ़ होते हैं। राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक, सामाजिक व अन्य जानकारियां विकास कार्यों के क्रियान्वयन में सहयोग करती हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लोक सेवा आयोग परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र भी तैयार करता है। इसी सप्ताह आयोजित उत्तराखंड प्रशासनिक सेवा की मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्रों में प्रदेश से जुड़े सवालों की संख्या बेहद कम रही।
राज्य लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड द्वारा आयोजित पीसीएस की मुख्य परीक्षा के तहत 12 जून को सामान्य अध्ययन की परीक्षा हुई। परीक्षा के प्रथम प्रश्न पत्र में केवल 12 प्रतिशत सवाल प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर आधारित थे, जबकि द्वितीय प्रश्न पत्र में यह आंकड़ा केवल दो प्रतिशत था। प्रयास आईएएस स्टड़ी सर्किल के निदेशक व लोक प्रशासन विषय के विशेषज्ञ सुशील सिंह ने बताया कि आमतौर पर राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षाओं में राज्य से जुड़े सवालों का आंकड़ा 25 से 30 प्रतिशत तक रहता है। इसी को देखते हुए छात्र तैयारी भी करते हैं। उत्तराखंड पीसीएस की मुख्य परीक्षा में राज्य के मुद्दों को शामिल न किया जाना चौंकाने वाला है।
''आयोग की परीक्षाओं से संबंधित विषयों के प्रश्नपत्र देशभर के विश्वविद्यालयों के चुंनिदा प्रोफेसर तैयार करते हैं। हालांकि आयोग द्वारा उन्हें सिलेबस उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें राज्य से संबंधित सामग्री भी शामिल होती है। अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली पीसीएस परीक्षा में राज्य से संबंधित प्रश्न एक निश्चित अनुपात में शामिल किये जाने को पूरा प्रयास रहता है।''
-चंद्रशेखर भट्ट, सचिव लोक सेवा आयोग,
''पीसीएस परीक्षा में राज्य से संबंधित प्रश्न न पूछे जाने की बात कोई मायने नहीं रखती। अगर ऐसी बातें सामने आ रही हैं तो वे एकदम निराधार हैं और संज्ञान में लेने लायक नहीं हैं। देशभर के विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किये गये प्रश्नपत्रों में तय अनुपात के अनुसार ही राज्य से संबंधित प्रश्नों को स्थान दिया जाता है।''
-विक्रम सिंह नेगी, परीक्षा नियंत्रक लोक सेवा आयोग
''वर्तमान में क्या अनुपात रहा है, इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अपने कार्यकाल में हमने लगातार प्रयास किया कि प्रदेश से जुड़े मुद्दों को परीक्षा में पूरा स्थान दिया जाए। इससे किसी भी व्यक्ति के प्रदेश के साथ भावानात्मक लगाव का पता भी चलता है। परीक्षा ही नहीं साक्षात्कार में भी प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व मूलभूत जानकारियों के बारे में सवाल शामिल किए जाते रहे हैं।''
Jun 16, 2009
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